टॉयलेट फ्लश टंकी में 1 ली० प्लास्टिक बोतल रखकर बच सकता है हजारों लीटर पानी
अमूमन फ्लश से ज़रूरत से अधिक पानी बहता है क्यूंकि परिवार के लगभग सभी सदस्य दिन में दो से पांच बार टॉयलेट का फ़्लश चला ही देते हैं स्वच्छता दृष्टिकोण भी चाहिए। किन्तु हर बार पूरा फ्लश चलाने की जरूरत हो ही ऐसा जरूरी भी नहीं है। सामान्यतया एक बार के फ्लश प्रयोग में 5 से 8 लीटर पानी बहता है। किन्तु अगर हम फ्लश की टंकी में 1 लीटर की प्लास्टिक बोतल में बालू-कंकड़ या पानी आदि भर के डाल देते हैं तो हर एक फ्लश में पूरा 1 लीटर पानी बचा सकते हैं और इस तरह परिवार के सभी सदस्यों के द्वारा हर बार के फ्लश प्रयोग में 1 लीटर पानी बचेगा। इस तरह पूरे वर्ष में हज़ारों लीटर पानी बचाया जा सकता है। दरअसल टंकी में पडी बोतल स्वयं 1 लीटर पानी की जगह occupy कर हर बार फ्लश फ्लो के वॉल्यूम को 1 लीटर कम कर देगी। इस विधि का तेजी से प्रचार-प्रसार करके पूरे शहर में करोड़ों लीटर पानी बचाया जा सकता है हर साल , और वह भी बिना दिनचर्या प्रभावित किये हुए क्यूंकि फ्लश में 7 लीटर की जगह 6 लीटर भी पानी प्रयुक्त होगा तो स्वच्छता स्तर पर कोई अंतर पड़ेगा पर पानी जरूर बचेगा। हाँ फ्लश से रिलेटेड इस बात पर भी ध्यान दें कि कहीं फ्लश का नौब leak तो नहीं हो रहा है। कई बार इस कारण से रात भर में पूरी टंकी खाली हो जाती है
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें